
हाथों में हथियार नहीं,
फिर भी हौसला कम नहीं,
जो चोट का उत्तर प्रेम से दे,
उससे बड़ा कोई विजेता नहीं।
किसी की आँखों में आँसू हों,
तो अपना दर्द समझ लेना,
किसी का दिल टूटे अगर,
तो उसे प्रेम से थाम लेना।
अहिंसा केवल शब्द नहीं,
यह मानवता की पहचान है,
जहाँ क्षमा खिलती है मन में,
वहीं सच्चा इंसान महान है।
पत्थर से पत्थर टूटेंगे,
क्रोध से क्रोध बढ़ेगा,
प्रेम का दीप जलाओ तो,
अँधियारा स्वयं मिटेगा।
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र













