
धनबाद। नवल विहान कला साहित्य मंच के तत्वावधान में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह साहित्य, संगीत एवं संस्कृति के विविध रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में गीत, ग़ज़ल, कविता, हास्य-काव्य, देशभक्ति एवं भक्ति रस की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। आयोजन में क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
समारोह का संचालन धनबाद की चर्चित कवयित्री एवं मंच संचालिका पूर्णिमा सुमन ने अत्यंत प्रभावशाली एवं सधे हुए अंदाज़ में किया। उनकी सहज अभिव्यक्ति और मंच संचालन कौशल ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाए रखा।
कार्यक्रम के गीत-गंगा सत्र में पूर्णिमा सुमन ने अपनी स्वरचित पंक्तियाँ—
“था कठिन वो समय, थोड़े मजबूर थे,
तय करना था सफ़र, रास्ते दूर थे।”
—प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित साहित्य प्रेमियों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आर. एन. चौबे द्वारा पूर्णिमा सुमन को सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान प्रदान किया गया। वहीं मुख्य अतिथि आदरणीया माया प्रसाद के करकमलों से अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि शिक्षाविद् माया प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है तथा नवल विहान मंच द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आयोजन की सफलता पर मंच के सभी पदाधिकारियों, रचनाकारों एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
नवल विहान कला साहित्य मंच के संस्थापक मनोज अंजान बरनवाल ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंच निरंतर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नवोदित एवं स्थापित रचनाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विधाओं के रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से वातावरण को साहित्यमय बनाए रखा। वार्षिकोत्सव का समापन सम्मान समारोह एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।













