
भाषाएँ अनेक प्रकार की है होती
जो अपने घरों में बोली जाती है
कुछ भाषाएँ अपने समाज की है होती
तो कुछ भाषाएँ सबो हेतु है होती
समस्त भाषाओं का अपना महत्व है होता ।
सबमे प्यार और अपनत्व है होता
लेकिन कुछ भाषाएँ बृहद रूप में बोली है जाती
जिसे लिखने और पढ़ने के भी कान मे है आती
उस भाषा को राजभाषा मे प्रयोग है करते ।
समस्त सरकारी दस्तावेज उसी मे प्रकाशित है करते
उस एक भाषा का ज्ञान लगभग सबको है होता
सार्वजनिक जगहों मे उसका प्रयोग सदैव है होता
ऐसा हरेक राष्ट्र मे है होता ।
हिन्दी ऐसा ही है एक भाषा
जिसे माना है भारत ने राजभाषा
हिंन्दी लगभग देश के समस्त हिस्सों में बोली है जाती
इस भाषा की समझ सबको कुछ न कुछ हैआती ।
अतः सबो से करता है चुन्नू कवि नम्र निवेदन
हिन्दी मे बोले,हिन्दी में लिखें, हिन्दी भाषा के प्रति रहें समर्पण
हिन्दी भाषा का प्रयोग करे, समस्त जन
मिले किसी से भी तो,हिन्दी मे करे अभिवादन ।
चुन्नू साहा पाकूड़ झारखण्ड













