
कीर्त्ती फैलेगी चहूओर तेरा,याद रखना
इस हेतु तुम्हे बस,खुद को है ठीक रहना
अटपट अलबल कामो से रहना होगा दूर
निज कार्यो हेतु,किसी को ना करे मजबूर ।
सबकी दुनिया अपनी अपनी है,अपने मे रहते
बिना व्यवधान के तुम,उसे मदद हो करते
खुशी हो या गम के मौके मे ,तुम तत्पर हो रहते
तो निश्चय ही ,कीर्ती तेरा चहुंओर है फैलते ।
भभे लोगो को ही ,लोग याद है जमाने करते
बुरे लोग भले ,पहले खूब है सबो मे है चमकते
असलियत लोग जानते सी,किनारे हो है जाते
कीर्त्ती तो जगत मे ,भले लोगो का ही चमकते ।
इसके वास्ते खुद के दिल को होगा हमे सुनना
अच्छे-बुरे का निज मन मे होगा सोचना
पराये के बातो मे आकर कोई फैसला ना करना
जो भी हो जैसे हो ,खुद का निर्णय ही मानना ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड
कवि लेखक सह शिक्षक












