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महालया — जब अंतर्मन में माँ का आह्वान होता है

महालया… केवल माँ दुर्गा के आगमन की प्रतीक्षा नहीं, बल्कि अपने भीतर की शक्ति को पहचानने और सोई हुई चेतना को जगाने का पावन अवसर है। 🙏
यह वह बेला है, जब पितरों के प्रति श्रद्धा नतमस्तक होती है, मन भक्ति से भर उठता है और हृदय माँ आदिशक्ति के स्वागत के लिए आतुर हो जाता है। 🪔

माँ दुर्गा का आगमन केवल मंदिरों और पंडालों तक सीमित न रहे, उनका वास हमारे अंतर्मन में भी हो। हमारे भीतर इतनी शक्ति हो कि अहंकार पर विनम्रता की विजय हो, क्रोध पर करुणा भारी पड़े और अन्याय के सामने हमारा विवेक मौन न रहे।
आखिर, माँ की आराधना का अर्थ केवल उनके सामने शीश झुकाना ही तो नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना भी है। 🌺
महिषासुर पर माँ दुर्गा की विजय हमें याद दिलाती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य और धर्म की शक्ति उससे कहीं अधिक होती है। और कभी-कभी सबसे बड़ा संघर्ष बाहर नहीं, हमारे अपने भीतर होता है—अहंकार, लोभ और अज्ञान से संघर्षl
शायद माँ की सच्ची भक्ति भी यही है—हम उनके चरणों में जितनी श्रद्धा रखें, उतनी ही करुणा अपने व्यवहार में और उतनी ही सच्चाई अपने कर्मों में भी उतारें। ❤️🙏
हे जगज्जननी माँ दुर्गा!
हमारे मन को निर्मल और विचारों को पवित्र रखना। जब हम भटकें, तो हमें सही मार्ग दिखाना; जब हम कमज़ोर पड़ें, तो साहस देना और जब हमारे पास कुछ देने को हो, तो हमारे भीतर सेवा और करुणा का भाव बनाए रखना।
आपकी कृपा से हर हृदय में प्रेम जागे, हर घर में सुख-शांति बनी रहे और संसार में मानवता का प्रकाश कभी मंद न पड़े। 🪔🌺

🌼 आप सभी को महालया की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌼

माँ दुर्गा का आगमन आपके जीवन में नई आशा, शक्ति, सद्बुद्धि और मंगल लेकर आए। हर आँगन खुशियों से खिले और हर हृदय माँ की भक्ति से आलोकित हो।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जय माँ दुर्गा! जय आदिशक्ति! जय माता दी!

— श्री ठाकुर,
देवघर, (झारखंड)

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