
मेरे सुपर हीरो हैं वो,
जो मां भारती की सेवा में सीमा पर हैं खड़े,
देशहित में जो हैं सदा दुश्मनों से लड़े।
इतिहास लिखता है प्रशस्ति पत्र जिनके,
बड़े बड़े मंसूबे लेकर जो हैं सदा पर्वतों पर चढ़े।
बड़ी बड़ी मुश्किलों में जिनके हौसले न डिगे,
कदम कदम पर हैं दुश्वारियां।
पल पल पर हैं चुनौतियां,
बढ़ते हैं सदा फौलादी इरादों से।
कदम पीछे न हटें कभी तूफानों से,
हाड़ कंपा देने वाले बेदर्द मौसम में,
जीवन न पनपे जैसे मौसम में,
हालात में ऐसे जो कुंदन से तप जाते हैं।
अपनी कथनी करनी से जो मां का मान बढ़ाते हैं।
जन जन के जो अधिनायक हैं,
गण गण के सुपर हीरो वही कहलाते हैं।
गण गण के सुपर हीरो वही कहलाते हैं।।
स्वरचित और मौलिक
संध्या दीक्षित












