
घनघोर घटाओं के सावन में,
हरियाले सावन मनभावन में।
शिव मिलन की आस लिए,
प्रभु पैर पखारन की प्यास लिए।।
बोल रहे हैं भक्त सब ओर,
बम बम भोले, बम बम भोले।
बज रहे हैं घंटे सब ओर,
हर हर भोले, हर हर भोले।।
डूबे हैं सब भक्ति में,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
खोए हैं सब विरक्ति में,
ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय।।
संध्या दीक्षित













