
हैं दुआओं का अब असर देखें।
मिल गई राह इस क़दर देखें।
मुश्किलें , दूरियाँ दिखाकर भी,
मुख़्तसर बन गई डगर देखें।
कुछ छुपायेगी या जताएगी,
पास आएगी जब ख़बर देखें।
राज़ सब आज़ दिल का कह देगी,
उठ गई अब झुकी नज़र देखें।
हर तरफ़ अब निग़ाह है अपनी,
रोशनी हो गई जिधर देखें ।
-नवीन माथुर पंचोली
अमझेरा धार मप्र












