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कविता –बारिश में तेरी याद

मौसम हैं सुहाना, चल रहे हैं हवाएं किया दिख रहे हैं खूबसूरत नजारे..

बादलों की गर्ज, पानी की बौछार बारिश में हो गए तेरे यादों की सौगात….

ठंडे हवाओं ने आकर रूह से टकरा गई तेरे होने का एहसास दिला गई ….

लहराती इन हवाओं ने मेरा होश उड़ाया हैं बारिशों में तेरे यादों में समाया हैं….

बारिशों के संग ओलो की बौछार तेरे यादों में तड़प कर आंखों से बह रहे है अश्रु के धार…

आसमान से बरस रहा पानी भूमि की चाहत में प्रेम के इस सुअवसर पे याद आ रहा है तुम्हारी…

तेरी यादों में खो के मचल उठा है तन- बदन बारिशों के पानी में ‘लवयांश ‘भीगने में हैं मगन मौसम हैं सुहाना, चल रहे हैं हवाएं किया दिख रहे हैं खूबसूरत नजारे..

बादलों की गर्ज, पानी की बौछार बारिश में हो गई तेरी यादों की सौगात….

लेखक
लक्ष्मीनारायण पात्र
पता– देवभोग
जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़

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