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ठेकमा में SVEP के तहत पूजा राजभर की मोबाइल शॉप का उद्घाटन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई मिसाल।

ठेकमा (आजमगढ़): राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत संचालित शुरुआती ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम (SVEP) के तहत विकास खण्ड ठेकमा के मुफ्तीपुर ग्राम में स्वयं सहायता समूह की दीदी पूजा राजभर की मोबाइल शॉप का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर संकुल प्रबंधक रानी मिश्रा और अनिता देवी ने फीता काटकर दुकान का शुभारंभ किया, जिसे स्थानीय समुदाय ने उत्साह के साथ सराहा।

SVEP योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्लॉक प्रबंधक डॉ. अभिषेक कुमार के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में ठेकमा विकास खण्ड में एक हजार से अधिक उद्यम स्थापित किए गए हैं। यह उपलब्धि न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर कर रही है।

डॉ. अभिषेक कुमार ने इस अवसर पर कहा, “SVEP योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने पसंदीदा उद्यम शुरू कर रही हैं, बल्कि यह उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी आधार बन रहा है। स्वरोजगार के जरिए ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है, और सरकार की ‘समूह से समृद्धि’ की परिकल्पना साकार हो रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत महिलाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने व्यवसाय को शुरू और विस्तारित कर सकती हैं।

पूजा राजभर की मोबाइल शॉप इस दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। इस दुकान के माध्यम से न केवल पूजा आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उद्घाटन समारोह में उपस्थित लेखाकार आरती प्रजापति ने कहा, “यह योजना ग्रामीण महिलाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। पूजा जैसे उद्यमियों की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

कार्यक्रम में अन्य स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने भी हिस्सा लिया और पूजा को उनके इस नए कदम के लिए बधाई दी। समारोह में सैकड़ों स्थानीय लोग मौजूद थे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और ग्रामीण उद्यमिता के प्रति बढ़ते उत्साह को रेखांकित किया।

यह आयोजन न केवल एक दुकान का उद्घाटन था, बल्कि ग्रामीण भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में एक बढ़ता कदम था। SVEP के तहत ठेकमा में चल रहे इस तरह के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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