Uncategorized
Trending

श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन (SSIF) की ओर से समाजसेवा,संवेदना,साहित्य के पुंज और मानवता के उपासक श्री पी.यादव ‘ओज’ को विशेष सम्मान।

जब साहित्य संवेदना की आँच पर तपकर जीवन में उतरता है और समाज सेवा मानवता की वाणी बनकर बोल उठती है-तब कोई व्यक्ति मात्र नाम नहीं रहता,वह एक युगबोध,एक प्रेरणा और एक दीपस्तंभ बन जाता है। ऐसे ही हैं,श्री पी. यादव ‘ओज’-एक ऐसा नाम,जिसने साहित्य को आत्मा दी और सेवा को संस्कार।सेवा जो केवल कर्म नहीं,जीवन-धर्म है-साहित्यिक गहराई के साथ श्री ‘ओज’ जी का व्यक्तित्व समाज सेवा की व्यावहारिक ज़मीन पर भी उतना ही सक्रिय है।उन्होंने जीवन के हर पड़ाव पर बेसहारा,वंचित,पीड़ित,उपेक्षित और जरूरतमंदों के प्रति करुणा, संवेदना और सक्रियता का परिचय दिया है।चाहे शिक्षा की अलख जगानी हो, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना हो,या युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर मोड़ना हो-‘ओज’ जी ने हमेशा मौन में भी आंदोलन खड़ा किया है।वे मानते हैं कि “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है”, और इस मूलमंत्र को उन्होंने शब्दों के स्तर से निकाल कर व्यवहार के धरातल तक जीवंत कर दिया है।श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन (SSIF) ने अपने मुख्य संरक्षक,प्रेरणापुंज एवं मार्गदर्शक श्री पी. यादव ‘ओज’ को उनके निःस्वार्थ सेवाभाव,मानवीय करुणा और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए एक विशेष सम्मान अर्पित किया।यह सम्मान एक औपचारिक उपहार मात्र नहीं,बल्कि उन गहरे आदर,स्नेह और कृतज्ञता का प्रतीक है,जो SSIF के प्रत्येक सदस्य के हृदय में ‘ओज’ जी के प्रति सदैव विद्यमान हैं।समाज और साहित्य के इस महान सेवक ने जीवन के हर मोड़ पर पीड़ित, वंचित और उपेक्षित जनों के लिए अपनी संवेदना,करुणा और सेवा-भाव का अद्वितीय परिचय दिया है।उनके निःस्वार्थ योगदान ने हज़ारों ज़िंदगियों में आशा,आत्मबल और आत्मसम्मान का दीप प्रज्वलित किया है।ओज जी की सोच केवल सेवा की नहीं,बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की नींव है।वे न केवल एक उत्कृष्ट साहित्यकार हैं,बल्कि एक समर्पित जननायक भी,जिन्होंने जाति,धर्म,भाषा या वर्ग से परे जाकर इंसान और इंसानियत की सेवा को ही अपने जीवन का परम धर्म माना है।उनकी विचारशीलता,दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व संस्था की प्रत्येक पहल में प्राणवत् प्रवाहित होती रही है।श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन आज जिस मानवीय आधार पर कार्यरत है,उसमें ‘ओज’ जी की सहृदय दृष्टि और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।इस सम्मान के माध्यम से SSIF परिवार,गौरव एवं श्रद्धा से पूर्ण अपने हृदय को झुकाकर उन्हें विनम्र नमन करता है।
आपका समर्पण,हमारी शक्ति है।
आपका मार्गदर्शन,हमारी दिशा है।
नमन उस व्यक्तित्व को…
जो लिखते हैं,तो समाज बोल उठता है।
जो चलते हैं,तो पथ बन जाता है।
जो जीते हैं, तो असंख्य दिलों में आशा जगाते हैं।

(धर्म,जाति और समाज के भेदभाव से ऊपर उठकर,इंसान और इंसानियत के लिए समर्पित)
श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन (SSIF)
जयपुर,राजस्थान।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *