
करवा चौथ पर विशेष
खुश होगा बहुत आसमान में बैठा वह चांद,
मैं तो धरती पर ही खुशियां मना लूंगा।
बेशक तुम देख लेना आकाश में प्रिये,
मैं तो तुम्हें ही अपना चांद बना लूंगा।।
आज चांद को भी खुद पर होगा गुमान,
पर मैं तो हरदम तुम पर ही गुमान करूंगा।
सारी उपमाएं खूबसूरती की उस चांद पर ही क्यों,
मैं तो तुम्हें ही सुंदरता की परिभाषा बना लूंगा।।
तुम मांग लेना मेरी लंबी उम्र की दुआ उससे,
मैं तो तुम्हें देख कर ही अपनी उम्र बढ़ा लूंगा।
बेशक तुम देख लेना आकाश में प्रिये,
मैं तो तुम्हें ही अपना चांद बना लूंगा।।
प्रमोद सामंतराय
सरायपाली महासमुंद (छ.ग.)












