
आज तुम्हें परवाह नहीं मेरी,
शायद अब प्यार भी नहीं।
चाहो तो कागज़ पर लिख लो,
एक दिन हम तुम्हें बहुत याद आएंगे।
उस दिन शायद हम नहीं होंगे,
तेरी निगाहें हमें ढूंढेंगी जगह-जगह।
हर जतन करेगी हमें पाने की,
चाहो तो कागज़ पर लिख लो —
तुम हमें कभी भूल नहीं पाओगे।
आज मैं इश्क़ का मारा, एक बेचारा,
बेमतलब ही सताया गया हूँ।
मेरे दिल ने भी धोखा दिया है —
तुझसे नेह लगाकर मैं खो गया हूँ।
मैं तो कोशिश करता हूँ तुझे पा लेने की,
मगर किस्मत ने राहें जुदा कर दीं।
चाहो तो कागज़ पर लिख लो,
तुम मुझे चाहकर भी भूल न पाओगी।
आर. एस. लॉस्टम













