
ज्योति जलाएं प्रज्ञा का, फिर
उपवन सा घर-बार सजाएं !
खुशियों की सौगात बांटकर ,
हम-सब दीपावली मनाएं !!
दिवाली में अबकी हम-सब ,
मिलकर ये संकल्प उठाएं !
घर रौशन करने से पहले ,
अंतस्तल में दीप जलाएं !!
कटुता त्यागें बैर मिटाएं,
दीन दुखी को गले लगाएं !
हम-सब मिलकर दिवाली में,
विश्व शांति का अलख जगाएं !!
सभी स्वस्थ हों सभी सुखी हों,
समरस्ता सद्भाव जगाएं !
जाति-धर्म का भेद भुलाकर,
मानवता का मान बढ़ाएं !!
‘जिज्ञासु’ जन, जन मानस में ,
प्रज्ञा का नित ज्योति जलाएं !
खुशियों की सौगात बांटकर ,
हम-सब दीपावली मनाएं !!
कमलेश विष्णु सिंह ‘जिज्ञासु’













