
गोवर्धन पूजा आज है आई,
हर घर में बाजी शहनाई।
कान्हा की छवि मन में भाई,
गौ-धन की है महिमा गाई।
पर्वतराज तुम हो महान,
रखवाले तुम सबकी जान।
छप्पन भोग का करलो दान,
पावन लीला करो बखान।
भक्तों की सुनकर अरजी,
करो कृपा, प्रभु, आज।
गौ सेवा का मिल जाए काज,
गोकुल के तुम हो सिरताज।
जय जय गोवर्धन गिरिराज,
आज दिवाली के अगले दिन,
छप्पन भोग सजाकर आज,
कान्हा को दें हम धन्यवाद।
गोकुल के तुम रक्षक प्यारे ,
गौ-धन की रक्षा करने वाले,
अन्नकूट का पर्व है आया,
सबके दुख को हरने वाले।
प्रेम से पूजन थाल सजाओ,
दीप जलाओ ख़ुशी मनाओ,
गोवर्धन धारण किया हरि ने,
ये कथा सभी को आज सुनाओ।
गोवर्धन पूजा का दिन है आया
खुशियों का संदेशा लाया,
कृष्ण ने पर्वत उंगली पर उठाया
इंद्र का सारा घमंड मिटाया।
आज का दिन है सबसे खास,
पर्वत पूजा अन्नकूट का वास,
कान्हा जी ने दिया विश्वास
पर्वत उठाकर उंगली पर ,
हर लिया सारा गोकुल का त्रास।
रीना पटले (शिक्षिका)
शास हाई स्कूल ऐरमा (कुरई)
सिवनी (मध्य प्रदेश)













