
जीवन में अंधकार चाहे जितना भी गहरा क्यों न हो,
विश्वास और सत्य की एक छोटी लौ उसे मिटा सकती है।
“रोशनी” केवल दीपक की नहीं, बल्कि मनुष्य के हृदय की शक्ति है।
- रचना का सार:
कवि ने बताया है कि सच्ची रोशनी बाहर नहीं, हमारे भीतर होती है।
यह प्रेम, करुणा, ज्ञान और सच्चाई की वह शक्ति है जो जीवन को दिशा देती है। - भाषा और शैली:
भाषा सरल, मधुर और प्रेरणादायक है।
शैली प्रतीकात्मक और भावनात्मक है।
- सन्देश
जब मन में विश्वास की ज्योति जलती है,
तब जीवन का हर अंधकार मिट जाता है।
सच्चाई, प्रेम और परिश्रम ही जीवन की सच्ची “रोशनी” हैं।
कविता — “रोशनी”
कवि — कौशल
अँधियारा जब मन में छाए,
दीपक बन विश्वास जलाए।
सत्य की किरण जब रस्ता दिखाए,
जीवन में नई दिशा जगमगाए।
टूटे मन को बल दे जाती,
हर पीड़ा को हल्का कर जाती।
जग में जितनी भी हो नफ़रत,
प्रेम की लौ सबको अपनाती।
रोशनी न केवल दीए की बात,
यह तो हृदय की मधुर सौगात।
ज्ञान, करुणा, सेवा का उजियारा,
बनता जीवन का सच्चा सितारा।
अंधकार चाहे कितना घना,
एक दीप काफी उसे हरना।
विश्वास, मेहनत, सच्चाई की रेखा —
यही है रोशनी, जीवन की लेखा ।।













