
जागो जागो रे मेरे प्यारे भारत के वीरों,
इसे बचाकर भारत के बन जाओ हीरो।
भारत की जनजाति विरासत हैं प्यारी,
भारत की शान बनी हैं ये सबसे न्यारी।।
अनेकता में एकता भारत की संस्कृति,
अपने भारत देश में लाओ तुम जाग्रति।
जनजाति शब्द में छिपे हुए अर्थ भंडार,
बन्दे सच्चाई ही हैं इनका प्यारा संस्कार।।
समझ प्राचीन देश में नहीं थी कोई जाति,
बाद में बनी भारत में जाति भाॅंति-भाॅंति।
सारे प्यारे भारत देश में फैली जनजाति,
मिलकर चलों हिंदू,मुसलमान क्या तेली।।
यह सोचें जनजाति का कैसे हो विकास,
पूरी होगी शिक्षा ही से उनकी सब आस।
मुख्य धारा से जोड़ना भारत का हो लक्ष्य,
जनजाति मीरास बचाएं,काम करें अक्षय।।
15 नवंबर भारत में तारीख वर्षों से खास,
सब जन मिलकर मनाओ धरा पर उल्लास।
ख़लासी वृतांत में इनका बड़ा ही योगदान,
जनजाति ने पूरे किए भारत मां के अरमान।।
बन्दे तेरी सपनों की उड़ान तब होगी पूरी,
जब प्यार होगा ईर्द-गिर्द और मिटेगी दूरी।
जब ही समृद्ध होगा सारा भारत देश मेरा,
जनजाति के संवर्धन से नया होगा सवेरा।।
स्वरचित और मौलिक कविता
सर्वाधिकार सुरक्षित
सुनील कुमार "खुराना"
सहायक अध्यापक
उच्च प्राथमिक विद्यालय बाधी
ब्लाॅक- नकुड़ जिला सहारनपुर
उत्तर प्रदेश भारत













