Uncategorized
Trending

अलबेला मौसम आया

धूप ने आज जलाया,
पसीने से खूब भिगोया।
ठंड में बारिश से भिगोया,
देखो, अलबेला मौसम आया।।

कभी धूप तो कभी छांव,
कभी बारिश तो कभी पसीना।
बदले मौसम का न कोई भरोसा,
देखो, अलबेला मौसम आया।।

बादलों से घिरे गगन काले,
पल पल रखते हिसाब मौसम का।
खेत-खलिहान का अब देखो हाल,
देखो, अलबेला मौसम आया।।

बदलते मौसम ने जीवन रंग दिया,
बारिश में गर्मी, गर्मी में ठंड और।
ठंड में बारिश हाल बेहाल सबका,
देखो, अलबेला मौसम आया।।
स्वरचित, मौलिक रचना, अप्रकाशित
दुर्वा दुर्गेश वारीक ‘गोदावरी’ (गोवा)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *