
देश का वास्तविक अभिनेता,
देश का असली हीरो कौन,
पर्दे पर अभिनय करने वाले
या जो रहते हैं अक्सर मौन।
मैं सीधे सीधे बात कर रहा हूँ,
भारत की सीमा के सैनिकों की,
देश की सीमा सुरक्षा में अपनी
जान निछावर करने वालों की।
जिनके सीने पर दुश्मन की गोली
कब अनायास आकर धँस जाएगी,
जिनको नहीं पता रहता है कि कब
तिरंगे में लिपटकर देह घर आएगी।
भारत के सैनिक भारत के लिये
अपने प्राण भी निछावर करते हैं,
उनके हक़ में साथ खड़े रहना है,
जो देश की सीमा रक्षा करते हैं।
ढाई तीन घण्टे की क़ीमत एक की
करोड़ों अरबों में अदा की जाती है,
आदित्य सैनिक सीमा पर शहीद हो
तो दिखावे की शान दिखाई जाती है।
डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
लखनऊ













