
कितना सुन्दर है मेरा स्कूल,
इसमें रंग बिरंगे है फूल।
फूल सुहाने सबको भाते,
उन्हें देख कर सब हरसाते।।
सबसे प्यारा मेरा स्कूल,
जिसको नहीं सकता मैं भूल।
सुंदर से है बाग बगीचे,
और इसमें है सुन्दर सुन्दर फूल।।
मेरा घर है मेरा पहला स्कूल,
जिसको नही सकता मैं भूल।
माँ ही मेरी पहली गुरु है,
जिन्हें मै नहीं सकता भूल।।
बड़ा सुहाना बड़ा निराला,
है मेरा स्कूल।
यहाँ जाकर मैं सब दुःखो को,
जाता हूँ भूल।।
इतना प्यार इतना सुन्दर है,
मेरा स्कूल ।।
नंदकिशोर गौतम (माध्य.शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विधा. बकोडी
जिला सिवनी (म.प्र.)













