
आओ सुनाएं पटेल जी की अमर कहानी
लौह पुरुष कहलाते थे ऐसी अद्भुत छवि निराली
ना कभी देखी ना, ना सोची कभी
गरीबों के प्यारे मसीहा थे
दुश्मनों के लिए थे खंजर
एकता का रूप इन्होंने रचा
देश का मानचित्र बदल डाला पल भर में
आवाज मानों सिंह की दहाड़ थी
हृदय में थे कोमलता के भाव
ज्वालामुखी की तरह धड़कते
आंधी तूफान की तरह बहते
नडियाद के वीर, भारत रत्न
कर्मवीर, धर्मवीर, निर्भीक
सरल ,सहज वेशभूषा
अहिंसा, क्रांति आजादी के सेनानी
देशभक्ति थी जिसके रग- रग में
एकीकरण के स्वप्न को
जिसने यथार्थ में बदल दिया
गांधी जी से प्रेरित होकर
स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े
बनकर गांधी का अहिंसा शस्त्र
महकते रहे विश्व में जैसे कोई ब्रह्मास्त्र
आज भी इतिहास याद करता जिसे
पूरे विश्व में नहीं मिलते सरदार पटेल जैसे
भारत के सरदार देश के लाल
नमन तुम्हें!!
डॉ मीना कुमारी परिहार













