
शीर्षक – भारत की बेटियां
हर खेल के मैदान पर,ये रचती इतिहास हैं,
भारत की ये बेटियाँ,देश का विश्वास हैं।
अडिग,अनमोल,सशक्त ये नारियाँ,
जला रहीं हैं आशा की ये फुलवारियाँ।
सिंधु हो या मैरीकॉम,या हो मीराबाई,
हर चोट से सीखी हैं,हर दर्द से लड़ाई।
बनी गोल्डन गर्ल जब,वो ट्रैक पर दौड़ी,
पंख लगाकर सपनों को,दुनिया से जोड़ी।
इनकी मेहनत की चमक है निराली,
बेटियाँ ही बन गईं हैं अब देश की दीवाली।
कुश्ती का अखाड़ा हो,या क्रिकेट का मैच,
हर बाधा को करती हैं,अब ये कैच।
हार नहीं मानेगी,ये हैं शूरवीर,
गर्व से ऊँचा होता,भारत का नीर।
कभी झुकने न देंगी,इस तिरंगे की शान,
ये हैं हिंदुस्तान की,चैंपियन बेटियाँ महान!
हर खेल के मैदान पर,ये रचती इतिहास हैं,
भारत की ये बेटियाँ,देश का विश्वास हैं।
रीना पटले (शिक्षिका)
सिवनी (मध्यप्रदेश)













