
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्व
पांच वर्ष कैसे बीत जाएगा
निश्चित करेगा हमारा हमारा एक वोट
देखो संभल कर चलना है
सोच -समझकर वोट देना है
आज चुनाव आ गया है सर पर
जाति वर्ण है समस्या भारी
लोकतंत्र पर चोट करती भारी
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्व
जाति वर्ण को हथियार बना
गुटबाजी करते अपनी ठाठ बघारते
जाति समीकरण को ले चुनाव लड़ते
सही नेताओं का चुनाव के लिए
जाति वर्ण की क्या है आवश्यकता ..?
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्व
जाति वर्ण को भूलकर करें हम अपने नेता का सही चुनाव
ताकि कोई ना सके
इस देश के खजानों को
ना कोई बांट सके
भजनों और अजानों को
जहां निश्चल ,निर्भय, शिक्षण हो
कोई न छीने इनका हक
थर-थर कांपे भ्रष्टाचार
ना करे कोई किसी पर अत्याचार
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्व
लोकतंत्र सबसे बड़ा है उत्सव
जाति वर्ण भेदभाव को खत्म कर
चलो दिखला दे ऐसा जौहर
बन जाएं हम एक जौहर
नजर रखें पारखी चुन लें ऐसा राजा
हो न्याय, बजे खुशियों का बाजा
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्व
डॉ मीना कुमारी परिहार













