
‘ पं. बलराम शरण शुक्ल”
।। बीमारियों का सबसे बड़ा कारण ।।
।। प नी र ।।
मनुष्य स्वयं को कितना भी आधुनिक बना ले, परन्तु उसे लौटना ही पड़ता है अपने पुरातन पद्धति की ओर ।।
क्योंकि आधुनिक विज्ञान की अपेक्षा, प्राचीन शोध जांचे- परखे और हानि रहित होते हैं ।।
इसके विपरीत—
भारतीय लोग तो पनीर के इतने दीवाने हो चुके हैं कि,
इन्हें जहां भी प नी र मिल जाए,
बाकी सब चीज छोड़कर, सिर्फ पनीर को ही मजे से ठूसने लगते हैं ।।
होटल में गए तो बिना पनीर खाये इनके गले से निवाला नही उतरता ।। कढ़ाई पनीर,
शाही पनीर,
मटर पनीर,
चिली पनीर,
समोसे में पनीर,
पकौड़ी में पनीर,
पिज्जा में पनीर,
बर्गर में पनीर,
जहां भी देखो वहीं पनीर ।।
अपने देश मे जितना दूध नही उत्पादन नही होता उससे कहीं अधिक पनीर बनता है ।।
चिकित्सा विज्ञान में सबसे–
प्राचीन विधा आयुर्वेद में दूध, दही, घी का चर्चा तो हर जगह है, किन्तु इस विषैले पनीर की चर्चा कहीं नही है, आखिर क्यों ? ?
यदि पनीर इतना ही अच्छा है तो इसके बारे में किसी ऋषि ने कुछ क्यों नही लिखा ? ?
आयुर्वेद में पनीर को निकृष्टतम भोजन के रूप में बताया गया है, कचरा माना गया है और कचरा भी ऐसा वैसा नहीं, जिसे जानवरों को भी खिलाने से मना किया गया है ।।
दूध को फाड़ कर या दूध का रूप विकृत करके पनीर बनता है ।।
जैसे कोई सब्जी सड़ जाए तो क्या उसे खाएंगे? पनीर भी सड़ा हुआ दूध ही है।
भारतीय इतिहास में कहीं भी पनीर का उल्लेख नही है ।।
न ही ये भारतीय व्यंजन है ।।
क्योंकि भारत में प्राचीन काल से ही दूध को विकृत करने की मनाही रही है ।।
आज भी फटे हुए दूध को विष मानकर, अक्सर जहां बास के पेड़ होते थे उसके बीच में फेंक दिया जाता था जिससे उस कुत्ते भी खाने ना पाएं
ऐसी परंपरा थी हमारे यहां ।।
आज भी हम इस परंपरा निर्वाह करते हैं ।।
ध्यान रहे — ग्रामीण समाज में आज भी घर की महिलाएं, अपने हाथ से, कभी दूध नही फाड़तीं ।।
पनीर खाने के नुकसान…
आयुर्वेद ने तो पहले ही ही बताया है कि, विकृत दूध लीवर, आंतों को नुकसान पहुंचाता है ।।
परन्तु अब आधुनिक विज्ञान ने भी अपने शोध में सिद्ध किया है कि, पनीर खाने से आंतों पर अतिरिक्त दबाव आता है, जिससे पाचन संबंधी रोग होते हैं ।।
पनीर में पाये जाने वाले प्रोटीन को पचाने की क्षमता, जानवरों में भी नही होती, फिर मनुष्य उसे कैसे पचा सकता है ?
परिणाम– खतरनाक कब्ज, फैटी लिवर, कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर {मधुमेह} डायबिटीज़ ।।
संवेदनशील आंत की बीमारी को जन्म देता है ।।
अधिक पनीर खाने से खून में थक्के जमने से ब्रेन हैमरेज और हार्ट फेलियर का कारण भी बन सकता है ।।
वहीं ये पनीर {हार्मोनल डिसबैलेंस} का कारण भी बन सकता है, जिससे हाइपर थायराइडिज्म भी पनप सकता है ।।
पुरुषों मे नपुंसकता और महिलाओं में गर्भ धारण करने की क्षमता कम हो जाती है ।।
वस्तविक रूप में देखा जाए तो व्यक्ति जीभ को स्वाद देकर पूरे शरीर को रोगी बना देता है ।।
सावधान —
मिलावट करके कमाई करने वाले गंदे लोग अधिक लोभ की कामना में जो जहर पूरे देश में सप्लाई कर रहे हैं, आप अपने परिवार और अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कृपया पनीर के साथ-साथ बहुत सारा दुकानों पर बने केमिकल से सामानों को खाने से बचे और सुखी रहें ।।
हरिकृपा ।।
मंगल कामना ।।













