Uncategorized
Trending

भूले नहीं है

तुम यह मत समझना
कि तुम्हें हम भूल चुके हैं,
महापुरुषों की भीड़ में——
तुमने यह सिखाया है,
कि छोटी-छोटी बातों के
निष्ठा पूर्वक, अनवरत प्रयास,
करने से अभिष्ट हासिल हो सकता है!!
आवश्यकता है साधना की—
गुरुदेव मतंग ऋषि पर अटल विश्वास,
औऱ तुम्हारी प्रतीक्षा, वो रंग लाई।
इष्ट के आगमन के पथ से
कंकड़ कंटक हटाना,
वह तुम्हारी साधना,
वह रोज बेर इकट्ठे करना,
भक्ति भाव के प्रेमी प्रभु
कैसे भूल सकते थे शबरी??
अनंत काल तक हम सब
सीख लेंगे, तुम्हारी साधना से, तपस्या से!!!
शबरी,
हम तुम्हें कैसे भूल जांए??

सुलेखा चटर्जी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *