
शीर्षक – प्यारा बेटा
ये मेरे प्यारे बेटे, तू मेरी शान है,
तेरी हँसी में ही, मेरी मुस्कान हैं l
तेरे अच्छे गुण ही, तेरी पहचान हैं,
तू मेरा गौरव बने, बस मेरे ये अरमान हैं ll
ये मेरे प्यारे बेटे,
माता-पिता व गुरु ही,
आपकी असली पहचान है l
इन सब का सम्मान करो,
ये ही आपके असली भगवान हैं ll
ये मेरे प्यारे बेटे,
तुम संस्कारित बनो ,
ये ही हमारे अरमान हैं l
सदैव सत्य मार्ग पर चलो,
यही सच्चे इंशान की पहचान है ll
ये मेरे प्यारे बेटे,
तू राम और श्रवण कुमार जैसे बनो l
इनके आदर्शो पर चलकर,
हमारे व समाज के लिए आदर्श स्थापित करो ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम ( माध्य. शिक्षक)
शास. उच्च.माध्य. विधालय बकोडी, जिला सिवनी म. प्र.












