
प्रेम का सौदागर हूँ मैं,
दिलों का व्यापार करता हूँ,
नफ़रत की इस दुनिया में,
सिर्फ़ मोहब्बत बाँटा करता हूँ।
ना सोना बेचता हूँ,ना चाँदी का कारोबार,
मेरे ख़ज़ाने में बस प्यार का संसार।
न आँखों में झूठ,
न बातों में कोई मोल,
मेरे दिल की दुकान पे बस,
सच्चे एहसासों का है डोल।
इश्क़ मेरी पूँजी है, प्रेम मेरा धन,
प्रेम का सौदागर हूँ, यही है मेरा जीवन
मैं नफ़रत से अंजान हूँ,
बस मोहब्बत का ताज पहने फिरता हूँ,
मुस्कानों की पूंजी लेकर निरंतर लड़ता हूं,
दिल की गलियों में हरदम रोशनी भरता हूं।
प्रेम का सौदागर हूं मैं,
दिलों का व्यापार करता हूँ,
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली












