Uncategorized
Trending

“ये हवाएं”

ये हवाएं इंद्रधनुषी सी!
न जाने कितने रंग लेकर आती हैं।
कभी बहा ले जाती गम सारे
खुशियां झोली भरकर दे जाती हैं ।

ये हवाएं……
सरसराती हैं जब कभी,
प्रेमी युगल के दिल को छू जाती हैं।
देती हैं संदेश एक दूसरे को
भाव विभोर कर जाती हैं।

ये हवाएं……
देती दिशाओं का ज्ञान भी !
जब किसी दिशा में यह बहती हैं।
भूला पथिक जब राह अपनी
यह राह उसको दिखाती हैं।

ये हवाएं……
संदेशा लेकर सीमा के प्रहरी का,
जब कभी उसकी दहलीज पर आती हैं ।
विरह में व्याकुल उसके परिवार को
देती हौसला यह ढांढस बंधाती हैं।

ये हवाएं……
कंपकंपा देती तन को शीत में!
ऊष्ण में जीभर सुकून दे जाती हैं ।
बदलती ऋतुओं के संग संग
यह भी रूप परिवर्तित करती हैं।

ये हवाएं भी बड़ी चंचल
कहां हाथ में आती हैं।
जीवन दायिनी यह हवा
कभी-कभी किसी को
अभिशाप बन डराती हैं।

गिरा देती कभी किसी
गरीब का झोपड़ा, ना
उस पर तरस खाती हैं।
भर देती है आंसुओं का सैलाब
निराश्रय उसको कर जाती हैं।

ये हवाएं……
खेलती कभी अल्हड़ सी बच्चों के संग
बच्चों की उमंग भरी पतंग को
ऊंचे आसमान में उड़ा ले जाती हैं।
मानो उनके हाथ की कठपुतली
बनकर यह इधर-उधर इठलाती हैं।
विविधता कितनी इन हवाओं में!
सिर्फ देती हैं एहसास ना किसी को दिखती।।

उर्मिला ढौंडियाल “उर्मि”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *