
हमारे भारत के सुप्रीम कोर्ट के ही अन्दर,
माननीय सीजेआई पर जूता उछाला गया।
सुप्रीम कोर्ट के ही ऐडवोकेट राकेश साहब ने,
यह अदभूत अनैतिक कारनामा कर दिखाया।।
ना सीजेआई ने कठोर कानूनी कार्यवाही की,
बस मामले को शांति से सुलझाने के लिए बात कही।
वकील साहब बोले अपनी अन्तरात्मा की आवाज़ सुनी,
सत्य के मंदिर में आज हमने जूते की धमक सुनी।।
बार काउंसिल ने पुरजोर विरोध किया,
इसको तानाशाही सरकार का पैगाम बतलाया।
संवैधानिक मूल्यों का पुर्णतया हनन बताया,
स्वयं को कानूनी कार्रवाई हेतु तैयार बतलाया।।
सत्य की तराज़ू पर इसको तोला जाये,
अपराध को केवल अपराध ही कहा जाए ।
मन्नू अब कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाये,
भविष्य में इस अपराध को घटित होने से रोका जाये।।
मुन्ना राम मेघवाल।
कोलिया, डीडवाना,राजस्थान।












