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जल

विधा – कविता
शीर्षक- जल संरक्षण

कितना है ये अनमोल,
समझो पानी का सब मोल l
ये मानव जिम्मेदारी से आँखे मत मूँद,
कितनी है, अनमोल पानी की हर बूँद।।

इसे बचाओ इसे बचाओ,
यू न बहाओ, यू न बहाओ,
पानी है अनमोल l
बढेगे कदम बढ़ाने से,
पानी बचेगा बचाने से।।

जल है जीवन का आधार,
इसे व्यर्थ न जाने दो l
यह अमृत है प्रकृति का,
इसे व्यर्थ न बहने दो।l

पानी की हर बूँद है कीमती,
इसका मोल समझ जाओ l
बिना सोचे- समझे इसे,
व्यर्थ न बहाओ ll

पानी बचाओ, पानी बचाओ,
यही है हमारा नारा l
जल के बिना जीवन है बेकार,
यह संदेश है हमारा ll

रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य.शिक्षक) शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोडी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी।

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