
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि अयोध्या राममंदिर ध्वजारोहण उत्सव, सियाराम विवाह पंचमी, एवं वृंदावन बांके बिहारी महाराज के पावन प्राकट्य पर्व बिहारी पंचमी, के अवसर पर कल्पकथा परिवार द्वारा आयोजित कल्प प्रगीत आनंद - रामराज गाथा में भक्ति की स्वरलहरियां गूंजती रहीं।
डॉ जया शर्मा प्रियंवदा के संयोजन के कार्यक्रम में नागपुर महाराष्ट्र से साहित्य एवं संगीत सुधि विद्वान विजय रघुनाथराव डांगे और छतरपुर मप्र से सीताराम साहू निर्मल को कल्प प्रणीत मान पत्रम से सम्मानित किया गया।
पवनेश मिश्र के मंच संचालन एवं कल्पकथा परिवार के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में पंचमी आनंद, भक्त प्रसंग, राममंदिर संघर्ष व निर्माण यात्रा, एवं राम मंदिर के निर्माण का भारतवर्ष के भविष्य पर प्रभाव, चार चरणों में सम्पन्न हुआ जिसमें विविध तथ्यात्मक चर्चाओं के साथ स्वरबद्ध, संगीतमय, भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए।
आमंत्रित अतिथियों, सहभागी विद्वानों, एवं दर्शकों का आभार प्रकट करते हुए कल्पकथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने कहा कि यह मंदिर भारतीय चेतना में रामत्व की पुनः प्रतिष्ठा है अर्थात सत्य, मर्यादा, करुणा, और साहस, का दीप शिखर, इसका प्रभाव आने वाली शताब्दियों तक भारत के चरित्र को आलोकित करता रहेगा।
अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव वर्ष में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के गायन के पश्चात सर्वे भवन्तु सुखिन शान्ति पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।












