
चिराग ए मोहब्बत। ।
चिराग ए मोहब्बत को,
जलाया है, हमने,,,।
खुश रहे सारी दुनिया
ये सजाया है हमने,,।।2,2
प्यार में जिए हम,
और दे प्यार सबको,,2
रहे हम जहां में,
जब तक है ,दुनिया।।2
चिराग ए मोहब्बत को,
जलाया है हमने,,।
खुश रहे सारी दुनिया,
ये सजाया है हमने।।2
रहे इस कदर ही
बस, यहां पर इंसा।
क्या है, इसका जीना
ये समझ ना इसने,,।।2
कुछ काम आए ऐसे
नाम हो जहां में,,,,,।
जीते रहे हम,,,
भले में सभी के,,,,।।2
चिराग ए मोहब्बत को
जलाया है हमने,,,,,।
खुश रहे सारी दुनिया,
ये सजाया है हमने,,,2
कहीं कोई आए
बन करके झोंका,,।
कहीं खो न जाए हम,
खाकर के धोखा,,,।।2
रखना है हिम्मत,,,
और जीना है तुझको,।
ऐ काबिल इंसा
ना मरना है तुझको,,।।2
चिराग ए मोहब्बत को
जलाया है हमने,,,,,।
खुश रहे सारी दुनिया
ये सजाया है हमने,,,।।2,2
राजेंद्र कुमार तिवारी
मंदसौर, मध्य प्रदेश










