
आओ सखियां गणगौर की पूजा करें
प्रेम- भक्ति से गणगौर के गीत गाएं
गणगौर का गीत, सुहागन का है प्रतीक
गणगौर एक बेहद सुंदर है त्योहार
राजस्थान में मनाया जाता है ये त्योहार
ये त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम का प्रतीक है
सभी नारियों अपने सुहाग के दीर्घायु होने की कामना करती हैं
सोलहों श्रृंगार से सज कर गणगौर की पूजा करती हैं
गणगौर के गीत और भजन गाती हैं
ये त्योहार होली के अगले ही दिन से
शुरू होता है
फिर चैत्र शुक्ल की तृतीया तिथि को
मिट्टी से बनाए गए
ईसर और पार्वती को विसर्जित किया जाता है
सोलह दिनों तक चलनेवाले इस त्यौहार पे गणगौर के गीतों को गाया जाता है
“गोर -गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती
गौरी ए गणगौरी माता “
हे गणगौर, मैं करती हूं तुम्हारी वंदना
पूजा ,भक्ति निष्ठा और प्रेम भाव से
मेरी जिंदगी की नैया को पार लगा देना
डॉ मीना कुमारी परिहार











