
इंसानियत की पहचान है,
अपनों के लिए जीना,
दूसरों के लिए जीना,
इंसानियत की यही है कहानी।
अपने दुख को बांटो,
दूसरों के दुख को समझो,
इंसानियत की यही है भाषा,
अपनों के लिए जीना।
दया, प्रेम, और करुणा,
इंसानियत के ये हैं गुण,
अपने दिल में रखो,
इंसानियत की यही है पूजा।
इंसानियत की राह पर चलो,
अपने आप को पहचानो,
दूसरों के लिए जीने की कोशिश करो,
इंसानियत की यही है पहचान।
अपने दिल में इंसानियत को रखो,
अपने जीवन को बनाओ,
दूसरों के लिए जीने की कोशिश करो,
इंसानियत की यही है कहानी।
जात पात धर्म से बड़ा धर्म इंसानियत का धर्म है जो की सबसे बड़ा धर्म है इंसानियत की पुजा करो पहले इंसानियत फिर सब कुछ
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला ‘अमन’ सनातनी
सावनेर नागपुर महाराष्ट्र













