
विधा- कविता
शीर्षक- ज्ञान कुंज
पुस्तकें ज्ञान का भंडार हैं,
हमारे जीवन में सफलता की पहचान है l
अच्छी पुस्तकें मित्र और पथ- प्रदर्शक होती हैं,
ये हमारे व्यक्तित्व को निखारती हैं ll
पुस्तकें कल्पना को उडान देती हैं,
हमें जीवन की चुनौतियों से, समाधान खोजने का साहस प्रदान करती हैं l
पुस्तकें कभी लेखकों की पुतली बनी,
हम सबके मार्गदर्शन आधार रही ll
पुस्तक हूँ पर जड़ मैं नहीं,
जानती हूँ सभी पर अहम कुछ नहीं l
चाहती हूँ सभी पढ़-लिख कर बढे,
यह महिमा है मेरी, वहम कुछ नहीं ll
तकलीफ होती हैं जब निरक्षर दिखें,
मुझको कर संग्रहित पर कभी न पढे l
मैं बहुत शान से ज्ञान का माध्यम,
पर बुरा मानती हूँ जब न कोई मुझे पढें l
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी ( म. प्र.)













