Uncategorized
Trending

कलयुग का खुदा

बेशर्म सी जिंदगी बेशर्म इंसान है
छाती पर चढ़ा उसका बद ईमान है

पैसे की भूख मे जमीर से खुद के खेल गया
रिश्ते नाते अपने पराये क्या खुदा की खुदाई भी भुल गया

भारी जेब पर आपके चारों ओर झूठी इज्जत की भरमार है
खाली जेब ही कारण रिश्ते नातो मे तकरार है

ज़ज़्बातों भावों कर्मों का आज के कलयुग मे नहीं कोई प्रभाव है
जिसका जितना कद उसका उतना ही भाव है

रसूख साख दबदबे का ही जीवन मे स्थान है
बगैर इनके ही आम आदमी जीवन मे परेशान है

रब खुदा भी अब कलयुग मे चंद जुबानो का ही वास्तविक पैगाम है
आज कलयुग मे बाकि पैसा ही कलयुगी खुदा कलयुगी भगवान् है

राम राम करते रावण की लंका तन गयी
मूंह मे राम बगल मे छुरी की कहावत ही सध गयी

माँ बाप रिश्ते नातो सबका कलयुग मे तिरस्कार है
पैसा ही जीने का सबब पैसा ही जीने का आधार है

अब समय सच्चारिता का स्थान भ्रष्टाचारिता है
परमार्थ के आगे स्वार्थ ही आज की व्यवहारिकता है


संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *