
दिल के अंदर चुपचाप, एक दुनिया बसती है,
कभी हँसी के फूल खिलें, कभी आँखें भीगती हैं।
छोटी-छोटी बातों में, मन खुश हो जाता है,
और कभी बिना वजह ही, उदास हो जाता है।
कभी कोई पास लगे, जैसे अपना सा कोई,
कभी वही दूर लगे, जैसे जानता न हो कोई।
बिना कहे सब कह देतीं, दिल की ये भावनाएँ,
कभी सुकून दे जातीं, कभी दर्द बन जाएँ।
हर दिन नया सा लगता, हर पल बदलता रंग,
कभी खुशी की धूप मिले, कभी दुखों का संग।
न कोई इसका नियम है, न कोई सही जवाब,
फिर भी चलते रहना है, यही जीवन का ख्वाब।
धीरे-धीरे समझ आता, खुद को कैसे संभालना,
हर हाल में मुस्कुराकर, आगे बढ़ते जाना।
नाम-पल्लवी पटले
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश













