
अरदास,,,,।।
मेरी दुनिया तो तुम ही हो
मुझे औरों से क्या मतलब है2
जो चाहत है मेरी तुमसे
मुझे औरों से ना उम्मीदें हैं,।।२
मेरी दुनिया तो तुम ही हो,,
मुझे औरों से क्या मतलब है2
जो नूर है वो मेरे तुम हो
जो रूह है वो मेरी तुम हो2
हे गर्ज मुझे हरदम तुमसे
मुझे औरों से ना शिकवा है2
मेरी दुनिया तो तुम ही हो,,
मुझे औरों से क्या मतलब है,,,2
मै ना चीज तो कुछ भी ना
हूं वजूद में इन कदमों का2
बस, ख्वाहिश है यही तुमसे
कभी तुमसे जुदा ना हो पाऊं,,,2
मिटा दूं मैं अपनी हस्ती
बस, तुम्हारी चाह में,,,2
मेरी दुनिया तो तुम ही हो,,
मुझे औरों से क्या मतलब है,,2
जो चाहत है मेरी तुमसे
मुझे औरों से ना उम्मीदें हैं2
मेरी दुनिया तो तुम ही हो
मुझे औरों से क्या मतलब है2
राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर , मध्य प्रदेश













