
अना देखी नहीं जाती।
फ़ना रोकी नहीं जाती।
बयाँ भी कर नहीं सकते,
ज़ुबाँ भी सी नहीं जाती।
करें हम लाख कोशिश पर,
लगी दिल की नहीं जाती।
सभी कुछ पा लिया लेकिन,
कमी अपनी नहीं जाती।
ग़मों की भीड़ में अक्सर,
ख़ुशी बाँटी नहीं जाती।
किसी से राज़ की बातें,
सभी पूछी नहीं जाती।
नवीन माथुर पंचोली












