Uncategorized
Trending

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस



अथक परिश्रम करते हुए हम भी शेष बचे हुए जीवन को सुदृढ़ बनाएँ व मुसकुराएँ।।

एक मई का शुभ दिन हमें एकाकी बन कर मेहनत करना सिखाता है।
अनेक महान जन से प्रेरित हर पल अकेले संघर्षशील रहना बतलाता है।।

01 मई 1886 को अमेरिका में आरंभ हुई इस रीत को बखूबी निभाना है।
श्रमिकों के योगदान का सम्मान करते हुए हर इंसान का आदर-मान बढ़ाना है।।

शांत रहकर बड़ी शान से कड़ी मेहनत में मज़दूर खूब आनंद उठाता है।
मजदूर दिवस के उद्देश्य को आखिर पूरी तरह से सार्थक कर दिखलाता है।।

भारत में पहला मजदूर दिवस 01 मई 1923 को चेन्नई (मद्रास) में मनाया गया था।
श्रमिकों के संघर्ष को समर्पित कामगारों की भूमिका को आखिर खूब सराहा गया था।।

अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता हमें सदैव भाईचारे का शुभ संदेश देती है।
कठिन परिश्रम के बल पर तक़दीर बदलने का आदेश देती है।।

आज का विशेष दिन समाज में संघर्ष की जीत का प्रतीक है।
अधिकारों के प्रति जागरूकता की सीख वर्तमान में अतीक है।।

मज़दूर के समान हम सभी के हस्त रहने चाहिए सदा मस्त।
मेहनत से भाग्य जगाने वाले सूर्य की तरह होते हैं उदय-अस्त।।

मेहनतकश मज़दूर के समान मुकद्दर चमकाने वाली : कवयित्री-डॉ. ऋचा शर्मा “श्रेष्ठा” करनाल (हरियाणा)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *