आ. विक्रम सरजू प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा श्रीराम महिमा “”गुरु वशिष्ठ के राम “” मनन से मानस

बोलती कलम मंच के तत्वावधान मे “मनन से मानस” कार्यक्रम के अंतर्गत गत शनिवार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार मे अद्भुत कार्यक्रम का प्रसारण व संचालन किया गया जिसमे सूत्रधार व संचालक महोदय आदरणीय संजय जी वक्ता के रूप मे आए विशिष्ट पहचान लिए महाराष्ट्र से संस्कृत मे परास्नातक व विशिष्ट योग्यता के धनी आदरणीय विक्रम जी व समीक्षक के रूप मे आदरणीय संदीप शर्मा सरल जी ने मंच सांझा किया।इस कार्यक्रम मे “वशिष्ठ के राम” विषय पर आ• विक्रम जी ने वेदांत के साथ-साथ अनेकानेक उदाहरण देकर मंच को तीर्थस्थल बना डाला। वैसे तो राम सबके अपने नज़रिए के है पर उनमे से किसके कैसे व क्यूंकर राम अलग है इस पर मंच पर खूब अच्छे से चर्चा की गई व अध्यात्म के प्रसंगों को मंथन कर राम नाम के रस का रसास्वादन लिया गया वह अमृत तुल्य इस शहद से मीठे नाम की महिमा को राम से कैसे गुरू वशिष्ठ जी ने उनका साक्षात्कार कराया इस पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का प्रभाव इतना आकर्षक था की इस चर्चा मे वक्ता गण के साथ साथ दर्शक गण भी अभिभूत होकर राम नाम के अनसुने पहलुओं पर विक्रम जी के तथाकथित विचार सुन अभिभूत हो गए व ऐसी ही विचारों को सुनने के लिए मंच की प्रशंसा के पुल बांधने लगे।आदरणीय संजय जी ने जिसे स्वीकार करते हुए सभी को आश्वस्त किया कि यह मंच चूँकि इसी हेतु ऐसा कार्यक्रम आयोजित करता है व भविष्य मे भी इसी सन्दर्भ को ध्यान मे रखते हुए समर्पित रहेगा व आगामी सौलह मई को एक और विशिष्ट कार्यक्रम के साथ उपस्थित होगा ऐसा वायदा कर कार्यक्रम को विराम दिया गया।
कार्यक्रम के पश्चात आदरणीय संदीप जी की समीक्षा भी बडी प्रभावी रही जिसे सुनकर यह कार्यक्रम एक सत्संग का समागम बन कर रह गया।
यह संस्था जन जन के मन से उठें सवालों के जवाबों के साथ उजागर करती है यह कार्यक्रम निरंतर जारी है प्रत्येक शनिवार को शाम 7 बजे से 8 बजे तक लाइव देख सकते हैं। जहां चर्चा और परिचर्चा कर सत्य से होंगे रूबरू।आप सभी के मानस पटल पर सनातन धर्म और संस्कृति की अमिट छाप छोड़ने का भरपूर प्रयास किया जाता है । यह कार्यक्रम किसी एक का नहीं अपितु हमारे सनातन धर्म और पौराणिक संस्कृति एवं कथाओं पर मनन करने का है । सबको साथ लेकर चलने की अनूठी पहल करता है ।इसका उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना एवं उसका प्रचार प्रसार करना भी है ।मनन से मानस रूपी यज्ञ में आहुति देकर स्वयं को कृतार्थ करें।भारत ही नहीं अपितु विश्व में सनातन धर्म का ध्वज लहराएं।
जय श्री राम
प्रिया कॉम्बोज,मीडिया प्रभारी, बोलती कलम परिवार
यहाँ पर यह कार्यक्रम हमेशा देखा जा सकता है
https://youtube.com/@bolateekalam











