
सुख़न का आशियाँ परिवार द्वारा नूतन प्रतिभाओं के प्रोत्साहन हेतु कवियित्री ममता साहू की अध्यक्षता में अविरल भाषी आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया और छंद साधिका बेहतरीन समीक्षक डॉ. प्रियदर्शिनी राज ने सरस्वती वंदना से काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया।कवि केविन चौहान के कुशल संचालन में साहित्य के पुरोधा और सच्चे साधको ने वातावरण शायराना कर दिया।मंचो की प्रसिद्ध कवियत्री मेघा अग्रवाल,तमन्ना परवीन,डॉ. संध्या चौधरी”उर्वशी”,सुरभि शुक्ला,अनूप पुरबिया,काजल वर्मा,सावित्री नेताम आदि की विभिन विधाओ और अलग अलग रस की कविताओं और गीतों को सुन कर सबका मन प्रफुल्लित हो गया।कांकेर छतिषगढ़ के 12 वर्षीय बाल कवि सौम्य साहू ने माँ पर बहुत सुंदर कविता सुनाई और इससे यह संदेश भी मिला कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। हास्य रस के कवि एस. के. नीरज की हास्य कविता की सरिता में सब की पीर बह गई मुस्कान रह गयी और अंत मे मोहम्मद रहीस”सनम” और सोनिया नायडू की शानदार प्रस्तुति ने गोष्ठी को सफल समापन की ओर बढ़ाया और इसमें नारद कुंजाम की भी अहम भूमिका रही उनकी प्रतिक्रियाओ और प्रशंसाओं ने सभी साहित्यकारों में एक अलग ऊर्ज़ा भरी। अंत में गोष्ठी अध्यक्ष ममता साहू और संयोजक केविन चौहान ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी साहित्यकारों का साधुवाद किया और उनकी अप्रतिम अद्भुत एवम भावात्मक रचनाओं के लिए शुभकामनाएं दी।












