
हरित धरा से पर्यावरण सुधार,
हरे भरे पौधे पेड़ों की जय कार,
प्राणियों को ऑक्सीजन दरकार,
वृक्ष, पौधों से मिले जीवन आधार।
पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण,
ऊर्जा की बचत और संरक्षण,
जल और ऊर्जा के उत्पादन हैं,
यही बचत पर्यावरण संरक्षण हैं।
प्रकृति और पर्यावरण निर्भर है,
पेड़, पौधों, वृक्षों की जय कार है,
साग, सब्ज़ी, फूल और फल भी,
पेड़, पौधे वृक्ष हमारी औषधि भी हैं।
पेड़, पौधे, वृक्ष, समस्त वनस्पति,
प्रकृति की हैं अथाह सम्पत्ति,
इस संपदा का संरक्षण करना है,
प्राणिमात्र की हितरक्षा करना है।
आदित्य पेड़ों वृक्षों को काटें नहीं,
एक वृक्ष दस पुत्रों के समान है,
पेड़ लगाइये, पर्यावरण बचाइये,
धरती उजाड़ होने से बचाइये।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
‘विद्यासागर’, लखनऊ












