
जिंदगी की किताब एक अनूठी कहानी है
जन्म से लेकर मरण तक मरण तक एक अद्भुत सफर है
जिंदगी हर पन्ने पर नित नई कहानी
लिखती है
जिंदगी के अनुभव को बखूबी बयां करती है
जिंदगी की किताब में कितने अध्याय जुड़ जाते हैं
खुशियों के पन्ने, दर्द और गम के पन्ने
हर पन्ने पर लिखी होती है नहीं भावनाएं
जिंदगी की किताब एक अनमोल तोहफा है
जिंदगी की किताब है ऐसी किताब
जिसे हर पन्ना अलग-अलग दास्तां बयां करती है
कभी छोटी तो, कभी बड़ी लगती है
कोई पन्ना खुशियों से भरा होता है
तो कोई पन्ना गमों की चादर ओढ़ रहता है
जिंदगी एक किताब ही तो है
जिसे हर पन्ना नायाब है
कभी गुजरे वक्त से शिकायत, तो कभी ख्वाहिशें से बेहिसाब हैं
कहीं बिखरी हुई उम्मीदें, तो कहीं टूटे हुए ख्वाब हैं
कुछ बदलते रिश्ते और अपनों के लहजे
कुछ अपने हालात लिखे लिखेंगे
उसमें ही सारी बात लिखेंगे
जो लफ्जों से बयां नहीं कर सकते
वह सारे जज्बात लिखेंगे
ए जिंदगी तुझमें एक किताब लिखेंगे
सफर का हिसाब लिखेंगे
जिंदगी हर पल एक नई पहेली
बनकर सामने आ जाती है
जिंदगी की किताब में पन्ना दर पन्ना
जुड़ता चला जाता है
जरूरत है हम इस किताब को
अच्छी तरह से पढ़ें और समझें
जिंदगी को कुछ कुछ इस तरह से जिएं
की जिंदगी खुशनुमा हो जाए
जिंदगी की किताब के हर पन्ने
स्वर्णिम इतिहास लिख जाए
जिंदगी के हर पन्ने को पढ़ने से लोगों को प्रेरणा मिल जाए
और लोग भी अपनी जिंदगी की किताब में अपनी नित नई कहानी
लिख सकें जोड़ सकें।
डॉ मीना कुमारी परिहार












