
इस धरती पर जन्म लेने वाला हर
इंसान वास्तव में एक मुसाफ़िर है,
मंज़िल पाने के लिये अक्सर हम सब
में ज़्यादातार बहुत बेताबी होती है।
इंसान बहुत कम ऐसे हैं जो जीवन
यात्रा का सच्चा आनंद ले पाते हैं,
मेरा तेरा करते करते माया मोह के
चक्कर में ईश्वर को भी भूल जाते हैं।
चतुर सयानों ने कहा, धन दौलत रखिये जेब में।
जब धन चढ़ जायेगा मन में, तो जाओगे जेल में॥
धन दौलत ताक़त पाकर औरों से
घृणा का बर्ताव कभी नहीं करिए,
और घृणा करने वाले रूखे इंसानो से
किसी तरह का कोई नाता नहीं रखिये।
काग़ज़ की नाव नदी का किनारा था,
दोस्तों की मस्ती हर दिल आवारा था,
समझदार बन कहाँ आ गए दलदल में,
बचकाना बचपन तो कितना प्यारा था।
जीवन में मुस्कुराहट हीरे जैसी होती है,
जिसे क़ीमत के बिना ख़रीद सकते हैं,
और जब तक यह हीरा हमारे पास है,
किसी और धन की ज़रूरत नहीं है।
मित्रों के बिना मुस्कुराहट मिलती नहीं,
रिश्ते निभाये बिना रिश्तेदारी चलती नहीं,
दोस्तों व रिश्तों में सहन शक्ति चाहिये,
आदित्य यह दवा हर मर्ज़ में चाहिये।
डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र
आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
‘विद्यासागर’, लखनऊ












