Vijay Kumar
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साहित्य
भगवान शिव का नाम पशुपतिनाथ कैसे पड़ा
“ओम अघोराय नमः।।ओम तत्पुरुषाय नमः।।ओम ईशानाय नमः।।ओम ह्वीं ह्वौं नमः शिवाय।।”हम सभी भगवान शिव को कई नामों से जानते हैं…
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साहित्य
भारतीय संस्कृति और विरासत
योगेश गहतोड़ी “यश”(ज्योतिषाचार्य एवं साहित्यकार) “सा संस्कृति विश्ववारा” (ऋग्वेद) अर्थात् संस्कृति वह है जो सम्पूर्ण विश्व का कल्याण करे। यही…
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साहित्य
मैं दिव्यांग हूं
हां मैं मानता हूं कि दिव्यांग हूंमगर तन से हूं मन से नहींमेरे हौंसले हैं बुलन्दमैं नहीं किसी से कममेरे…
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साहित्य
वीर योद्धा
उसके जीवन का आज अंतिम दिन थापर उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं थीआज वह शूली पर चढ़ने जा रहा…
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साहित्य
निज गलती पर पछताओगे
मार भरत को दिया आपने,पर सच को दबा न पाओगे।किया लोभवश काम बुरा है,निज गलती पर पछताओगे।। बिना अपराध के…
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साहित्य
रिमझिम बरखा
रात की रिमझिम बारिस,प्राकृति को हरी-भरी बना देती है lबरखा धूल व कीचड़ को धोकर,प्रकृति को खुशनुमा करती है ll…
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साहित्य
हम नादान बालक है
हम नादान बालक हैभविष्य केलिए नींव हैंदेश प्रगति की रक्षक हैदेश के सुनागरिक बने है। देश भक्ति हम को अपार…
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साहित्य
कविता
जेठ की तपती दोपहरी में,जब धधक उठता है आकाश,सूख जाते हैं कंठ सभी के,और थम जाती मन की प्यास। ऐसे…
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साहित्य
तृष्णा पर विजय
तृष्णा पर विजय प्राप्त कर ,तृष्णा है अपूर्ण अभिलाषा ।तृष्णा में ही ये जीवन बीता ,अंतिम श्वास ये बीता त्रासा…
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साहित्य
सौहार्द को जीत लो
मधुर स्वभाव प्रीत ले ,मानवता को मीत ले ,हर्षित मन तू गीत ले ,सुखद सौहार्द जीत ले ।जीवों का त्रास…
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