Vijay Kumar
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साहित्य
जो करता है नित हरि वंदन
दया दृष्टि जिस पर हरि करते,जीवन हो जाता है कुंदन।उसकी बिगड़ी शीघ्र बनाते,जो करता है नित हरि वंदन।। सुबह शाम…
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साहित्य
बर्फ और अंगार
बर्फ और अंगार दोनों एक दूसरे के विपरीत शब्द हैंएक जो शीतलता देता, दूसरा जलाता हैबर्फ और अंगार जो अक्सर…
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साहित्य
देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता/हिन्दी भाषा का इतिहास
“देवनागरी लिपि का कोई जवाब नहींयह लिपि जितनी मधुर है उतनी ही सरल और सहज”भारत की प्राचीन भाषा संस्कृत की…
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साहित्य
एक सोच
यहीं कहीं चौराहे पर पड़ी थी किसी की लाश, सब सोच रही थी कि है यह किसकी लाश, हिन्दू कह…
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साहित्य
।जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।
।जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें। घर जाने का रास्ता न भूला हूँ साहेब भले बचपन में स्कूल न जाने का…
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साहित्य
बेघर
अचरज है यहाँ जिनका कोई घर है न द्वार है,वो पूछते फिरते हैं अभी कितनी दूरी पार है। ठिकाना उन्हें…
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साहित्य
फकीर और दुनियाँ
फकीर हूँ दुनियाँ अहसास करा देती हैदो कौड़ी की हैसियत थूककर हमे जता देती है समय सबका खराब आता हैकौड़ियों…
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साहित्य
पिता दिवस पर समर्पित
पिता दिवस पर सादर श्रद्धांजलि,माता पिता को आज समर्पित हैं,श्रद्धासुमन अर्पण परिवार कर रहा है,आपके आशीष से सौभाग्य निर्मित हैं।…
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साहित्य
इंदौर की साहित्यकार कल्याणी गुप्ता कृति कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित।
कल्प भेंटवार्ता मंच पर कृष्णनंदन भगवान प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई गई। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित…
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साहित्य
गजल
काफिया —- अर की बंदिशरदीफ—- देखो। बहर— 222—222—22=16 खुश हूँ आज बताकर देखो,मधुवन में तो आकर देखो। समय यही आया…
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