Vijay Kumar
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साहित्य
योग से जीवन उज्ज्वल
योग सुधा का पान कर, तन-मन हो बलवान,प्राणायाम की शक्ति से जागे नव उत्साह महान। सूर्य नमस्कार की प्रभा, तन…
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साहित्य
कविता
क्या दिया तुमने हमें जन्म देकर ऐहसान नहीं किया तुम्हारी अय्याशियों का परिणाम हे हम! हम सच कहते पापा तुमसे…
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साहित्य
ग़ज़ल
जीवन में इतना सीखा।सच को सच कहना सीखा। फूलों से रिश्ता जोड़ा,काँटों से बचना सीखा। थी जितनी कुव्वत अपनी,दम उतना…
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साहित्य
पापा है अनमोल खजाना
संस्कार और विश्वास के नींव है पापा,बच्चों की खुशियों में खुश हो जाते है,प्यार से भरी खुशियों का पिटारा है…
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साहित्य
लक्ष्मीबाई
बुंदेलखंड की धरती बोलै, गाथा आज सुनावैं,झाँसी वाली रानी की हम, वीर कहानी गावैं। जब फिरंगी ललकारत आए, धरती माँ…
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साहित्य
झोंक दो उस प्यार को अग्नि में
झोंक दो उस प्यार को अग्नि में ,तुम्हें जो लैला – मजनूॅं बना दे ।उजड़ने से जीवन को बचा लो…
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साहित्य
पुराने दिन और आज के दिन
पुराने दिन कितने अच्छे थे, कितना सच्चा प्यार था,हर चेहरे पर अपनापन था, हर रिश्ता उपहार था।सुख-दुख में सब साथ…
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साहित्य
प्यार करने चले हो तो
प्यार करने चली हो तुम ,प्यार को तो पहचान लो ।क्या हो तुम औ कैसी हो ,खुद को तुम तो…
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साहित्य
सबसे सुन्दर एक नाम बस राम है
जगत रहा श्री रामचन्द्र को पूँज है।सकल विश्व में राम नाम की गूँज है।सत्य सनातन का गौरव अभिमान हैं।सभी लोग…
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साहित्य
शूर्पणखा
चन्द्रनखा के नाम से,लंका में विख्यात।राजा रावण की बहन,निशाचरी कुख्यात।। पितृ विश्रवा माँ कैकसी,राक्षस वंश कुलीन।रूप बहुत विकराल था,अंतस बहुत…
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