Vijay Kumar
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साहित्य
बड़ा मंगल – अंजनीसुत
जय-जय अंजनीसुत वीर बजरंगी,भक्तों के रखवारे हो।संकट हरते मंगल करते,दीनन के तुम तारे हो।। लाल सिंदूरी तन अति शोभित,तेज पुंज…
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साहित्य
षोडश संस्कार
संस्कार – कार्य के अधिकारी– अधिकार अनुसार कर्म करने की सम्यक फल की प्राप्ति होती है । संस्कार कर्म में…
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साहित्य
क्षेत्रीय दलों का घटता वर्चस्व और भारतीय राजनीति का बदलता स्वरूप
पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनाव परिणाम सोमवार को सामने आए। इन परिणामों ने भारतीय राजनीति…
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साहित्य
बौरी अमराई में
विधा- गीत सृजन बौरी अमराई में कोयल जाने क्या -क्या गाती है।हो कुछ भी पर ये कोयल है मीठी तान…
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साहित्य
आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के वरिष्ठ कवि डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘ सम्भल जनपद में किए गए सम्मानित
भगवान बुद्ध जयंती के पावन अवसर पर हिन्दू जागृति मंच एवं साहित्य सोम संगम के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक विमोचन…
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साहित्य
राह कठिन है
राह कठिन है चलना नामुमकिन हैजिंदगी का ज़हर है पीना ही पड़ेगाआये है इस धरा पर मेरे रब गिला नहीजहर…
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साहित्य
सपना
जीवन में सपना आना सहजइसको सफल करना कठिनसपना साकार केलिए सोचनाइससे जीवन सार्थक बन जाता। रात दिन में आता है…
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साहित्य
सवाल का ज़वाब
इक सवाल का ज़वाब उलझा कुछ इस क़दर हैराहें हमारी एक हैं पर मंजिल किस तरफ़ है ll जुदा हम…
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साहित्य
माँ का प्यार
माँ की आँखों में सपने होते,मेरे लिए ही अपने होते।।वो चुप रहकर सब सह जाती,फिर भी हँसकर प्यार लुटाती। जब…
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साहित्य
प्रेम के गीत के लिए–ओढ़ लिया आसमां
आसमां,अब कोई विस्तार नहीं-एक परत है,जो भीतर की दरारों पर चढ़ी है,मैंने उसे ओढ़ा नहीं,वो खुद उतर आया है,मेरे और…
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