Vijay Kumar
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साहित्य
नेता के नेवता
विधा : भोजपुरीचले के बा बिहान वोट देवे ,आईल बाटे नेता के नेवता ।पाॅंच साल सुखमय सुदृढ़ रहे ,समझ के…
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सीमंतोन्नयन संस्कार
भारतीय संस्कृति में मनुष्य का जीवन केवल जैविक नहीं, बल्कि एक पवित्र, दैविक यात्रा माना गया है। जन्म, जीवन और…
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क्षीरसागर श्रीमन
क्षीरसागर विहारी श्रीमन,तेरे चरणों में मेरा नमन !आया हूं तुम्हारे शरण,करदो सारे दुखों का शमन!! सहारा तुम्हीं हो मेरे,न छोड़ो…
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साहित्य
हे विष्णु प्रिये
हे विष्णु प्रिये मां जग जननी,जग पालिनि भव भय हारिणि हे!स्वीकार करो विनती मेरी,पय-निधि के लहर विहारिणि हे!! गाऊं यश…
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साहित्य
संघ से सत्ता तक का सफर
संघ की शाखा से उठी थी ज्योति,सेवा में बीता हर एक दिवस और रात्रि।जिसने कहा — “सत्ता नहीं, सेवा ही…
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साहित्य
पंजाब में सुनील कुमार “खुराना” सहारनपुर कवि सम्मलेन में हुए सम्मानित
समारोह,पुस्तक विमोचन और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में भारत के जाने-माने वरिष्ठ साहित्यकारों ने भाग…
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बचपन की यादें
शीर्षक – मेरा वो बचपन बचपन में न फीकर न टेंशन थी,बस सुबह की मस्ती और शाम की बस्ती थी।…
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पुंसवन संस्कार
गंगा तट के समीप बसा देवग्राम धर्म, परंपरा और शिक्षा के नाम से प्रसिद्ध था। वहीं आदित्य और ईशा नाम…
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साहित्य
संघ का सिपाही नरेन्द्र
वडनगर की शाखा में बालक खड़ा,आँखों में सेवा का दीप जला।आठ बरस का था, पर मन विशाल,राष्ट्रभक्ति बन गई जीवन…
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हवा
रचनाकार : कौशल हवा कभी वादा बनकर आती, फिर झूठी बात उड़ाती है।नेताओं वाली बोली लेकर, आँखों में धूल झोंक…
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